अमें यार सुन्यो
इलहाबाद विश्विद्यालय के सेन्टर आफ फोटोजनॅलिज्म विभाग में दिल्ली से निकल रही पत्रिका वाक ने टेलेन्ट हन्ट करिस तो ढेर सारे छात्र कवि सामने आय गये। कथाकार मारकण्डेय इस टेलेन्ट हन्ट की अध्यक्षता करिन। एके कैम्पस संयोजक धनंजय चोपड़ा रहें। एमें एक से बढ़कर एक कविता सामने आयीं। उपसिथत रहे वालन में यश मालवीय व गोपाल रंजन शामल रहें।
4 comments:
ettey mai maga nai aawa
ab hum aye gaye hai maga ab aai
kavi sameelnva ka koi sanchallko to raha hoga.okar nav kahe nahi
kuchh likhiye, guruji.
अमें गुरु जी...
बगैर लंतरानी के जीवन नीरस लागय लगा..
औ आप हव की शांत हौ..अरे कुछ नवा ताजा तरीन लिखबो कि बस छुंछै.....
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