Monday, 22 December 2008

अमें यार सुन्यो

इलहाबाद विश्विद्यालय के सेन्टर आफ फोटोजनॅलिज्म विभाग में दिल्ली से निकल रही पत्रिका वाक ने टेलेन्ट हन्ट करिस तो ढेर सारे छात्र कवि सामने आय गये। कथाकार मारकण्डेय इस टेलेन्ट हन्ट की अध्यक्षता करिन। एके कैम्पस संयोजक धनंजय चोपड़ा रहें। एमें एक से बढ़कर एक कविता सामने आयीं। उपसिथत रहे वालन में यश मालवीय व गोपाल रंजन शामल रहें।

Saturday, 13 December 2008

अमे यार सुन्यो जब से विभूति नारायण राय कुलपति बने हैं तब से अलाहाबाद में चर्चा का बाजार गर्म है कि कई को वर्धा में पोस्ट मिलै वाली हैफिलहाल अबही तक कौनोऊ को कुछ नै मिला है। चर्चा भी है कि राय पत्ते धीरे -धीरे kholai में viswas rakhat हैंintjar करत रहो! कुछ

Monday, 29 September 2008

अमें यार सुन्यो......

अमें यार बहुत दिन से मन करत रहा कि इलाहाबादी अंदाज में बात किया जाये, पर अपने शहर से न केवल निखालिस इलाहाबादी उड़नछू होय गये हैं, बल्कि इलाहाबादी बोले वाले भी कम होय रहे हैं। यही वजह है कि ब्लाग की दुनिया में आय पड़ा। अब बतरस का सुख तो मिलबै करी साथ में लहकटई भी खूब होई। बस इंतजार करत रहैं। हम यूं गये और यूं आये।