Monday, 22 December 2008

अमें यार सुन्यो

इलहाबाद विश्विद्यालय के सेन्टर आफ फोटोजनॅलिज्म विभाग में दिल्ली से निकल रही पत्रिका वाक ने टेलेन्ट हन्ट करिस तो ढेर सारे छात्र कवि सामने आय गये। कथाकार मारकण्डेय इस टेलेन्ट हन्ट की अध्यक्षता करिन। एके कैम्पस संयोजक धनंजय चोपड़ा रहें। एमें एक से बढ़कर एक कविता सामने आयीं। उपसिथत रहे वालन में यश मालवीय व गोपाल रंजन शामल रहें।

4 comments:

Vineet Tripathi said...

ettey mai maga nai aawa
ab hum aye gaye hai maga ab aai

Anonymous said...

kavi sameelnva ka koi sanchallko to raha hoga.okar nav kahe nahi

Vikas Gupta विकास गुप्ता said...

kuchh likhiye, guruji.

अजित त्रिपाठी said...

अमें गुरु जी...
बगैर लंतरानी के जीवन नीरस लागय लगा..
औ आप हव की शांत हौ..अरे कुछ नवा ताजा तरीन लिखबो कि बस छुंछै.....