Wednesday, 6 May 2009

तो अब बारी व्लागरन की

लेयो में जेका डर रहा, वही होय गवा। साहित्यकारन के शहर में व्लागर जुटे लगें। अब ई अपनी बात कहे के लिए मंच पर नजर अइहैं। ताजा हवा नाम की संस्था अपने इलाहाबाद में एक शाम व्लागरों के नाम का आयोजन कर रही है। ई आयोजन में देश के कई नामचीन और गैरनामचीन व्लागर जुटिहैं और अपनी बात रखिहैं। बड़ी बात यह है कि अब व्लागर केवल लहकटई नय करतें, कुछ गम्भीर लेखन भी होय रहा है। ई लिए आयोजन के मायने है। तो फिर निराला सभागार में 8 मई को शाम 5.30 बजे होय वाले ई आयोजन में दिखबो कि नय। अब ई न कह्यो कि कउनो कुत्ता काटे है कि हम आपन समय खराब करी। काहे कि हम तो रहबै करबै। अमें ई तरह का आयोजन जल्दी न होई।

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